भगवद्गीता ॥०१.३४॥ WIP
मातुलाः श्वशुराः पौत्राः श्यालाः सम्बन्धिनस्तथा ।
एतान्न हन्तुमिच्छामि घ्नतोऽपि मधुसूदन ॥
| पदविभागः | विवर्णम् | प्रतिपदार्थम् |
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| विवरणानि | क्रियापदानि | |
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